Sushant Singh Rajput

                      सुशांत सिंह राजपूत: काई पो चे!

                                            -ए॰ एम॰ कुणाल

सुशांत सिंह राजपूत के मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में खुदकुशी की ख़बर वाक़ई में हैरान करने वाली। महज़ 34 साल की उम्र में अपने करियर के इस पड़ाव पर दुनिया को अलविदा कहने वाले वाले सुशांत की मैनेजर रह चुकीं दिशा सालियान की भी 8 जून को मौत हो गई थी, जिसे खुदकुशी बताया जा रहा है।ये महज़ इत्तफ़ाक़ है या कुछ और..?

2013 में "काई पो चे" अपने फिल्‍मी करियर की शुरुआत की थी।
"काई पो चे" से "छिछोरे" तक के छोटे से फ़िल्मी सफ़र में सुशांत अपनी ऐक्टिंग का लोहा मनवा चुके थे।

 #KaiPoChe के फिल्म प्रमोशन के समय की एक तस्वीर है! मीडिया इंटरव्यू के बाद फुरसत के कुछ पल में ली थी। उस तस्वीर को बार-बार देख रहा हूँ। मुझे अभी भी याद है अभिषेक कपूर ने कहा था, "इस तस्वीर को सम्भाल कर रखना बहुत मूल्यवान है।" वास्तव में आज इसका महत्व समझ में आ रहा है। लेकिन इस तस्वीर को एक तरह से साझा करना पड़ेगा, कभी सोचा न था।

पिछले 12 वर्षों में, मुझे कई कलाकारों को करीब से जानने का अवसर मिला पर सुशांत सिंह राजपूत जैसा डाउन टू अर्थ अभिनेता नहीं देखा। जब वे मुझे "सर -सर" बुलाते और जिस तरह से डिसिप्लिन मेंटेन करते, उसे देख कर अच्छा लगता था। हालाँकि वे टीवी शो के कारण काफ़ी पॉप्युलर थे। एकता कपूर का "पवित्र रिश्ता" ने उन्हें लेडी किलर बना दिया था।

काई पो चे फ़िल्म के प्रमोशन को लेकर सुशांत काफ़ी उत्साहित थे। दिन भर थका देने वाले इंटर्व्यू के बीच उनकी शरारत सबको एनर्जी देती थी। सुशांत, राजकुमार राव और अमित साध तीनों रील और रियल लाइफ़ फ़्रेंड थे।

एक क़िस्सा मुझे याद आ रहा है। पीवीआर सलेक्ट सिटी में अभिषेक कपूर और चेतन भगत का मीडिया इंटर्व्यू चल रहा था। उन तीनों को कोई शरारत सूझी।अमित साध ने मुझ से कहा "जब तक इनका इंटर्व्यू चल रहा है, हम मॉल घुम कर आते है।" आधा घंटा टाइम था तो मैंने कहा ठीक है। वे १५ मिनट का बोल कर गए थे और ३० मिनट से ज़्यादा हो गया। जब वापस नहीं आए तो अभिषेक कपुर और चेतन भगत  का दूसरा इंटर्व्यू लाइन अप कर उनको खोजने निकला। ५ मिनट बाद ही मुझे दिख गए। मुझे देख पता नहीं उनको वे तीनों टॉइलेट में घुस गए। पाँच मिनट इंतज़ार करने के बाद मैं अंदर गया। अंदर क्या देखता हूँ? तीनों महाशय मिरर के सामने थ्री ईडियट्स का पोज़ बना कर सेल्फ़ी ले रहे थे। मैं अंदर आ जाऊँगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। मैंने जल्दी करने के लिए अभिषेक सर का नाम लेकर कहा कि वे बुला रहे है। सुशांत ने कहाँ, "सर आज का हमारा कोटा हो गया। बाक़ी इंटर्व्यू कल!" और मुझे फ़ोटो खिंचने के काम पर लगा दिया।


एक और घटना याद आ रही है Oye FM की। उन दिनो अपारशक्ति खुराना RJ हुआ करते थे। उनको लगा कि आयुष्मान खुराना भी इस फ़िल्म में है। कुछ देर तक अभिषेक कपूर से बात कर वे चले गए। उनके जाते ही सुशांत ने मज़ाक़ में पूछा, "उसका नाम अपारशक्ति है या कोई प्रोडक्ट की बात कर रहा था? जब वह अपना नाम बता रहा तो लग रहा था कि कोई ऐनर्जी ड्रिंक्स के बारे में बोल रहा हो!" अगले 5 मिनट तक एक के बाद एक एक्स्पट कमेंट आने लगें।

एक घटना याद आ रही है ग़ुब्बारे के अंदर बैठ कर दो सौ फ़ीट की ऊँचाई पर इंटर्व्यू चल रहा था। फ़िल्म के स्टार कास्ट, आजतक का ऐंकर डेंजिल, उनका कैमरा पर्सन और साथ में मैं था। अभिषेक कपूर को डर लग रहा था और सुशांत एंड कंपनी मज़े के मूड में थी। अचानक बैलेस बिगड़ा और ग़ुब्बारा एक तरफ़ झुकने लगा। अभिषेक डर कर चिलाने लगे और  थ्री ईडियट्स मज़े ले रहे थे। वे नीचे उतरने को तैयार नहीं थे। अभिषेक ने डेंजिल से रिक्वेस्ट कर इंटर्व्यू वाईन्ड अप करवाया।

ग़ुब्बारे वाला इंटर्व्यू आज काफ़ी याद आ रहा है। अब ग़ुब्बारे की ऊँचाई सुशांत तक नहीं पहुँच सकती।

उसके बाद "डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी" और "राब्ता" फ़िल्म की थी। फ़िल्म राब्ता के प्रमोशन के दौरान सुशांत में काफ़ी बदलाव देखा। वह हंसी-मज़ाक़ तो दूर की बात है, मीडिया से भी दूरी बनाने लगे थे। मीडिया के कई साथियों को लग रहा था कि धोनी फ़िल्म की सफलता का असर है। मुझे उस वक्त लगा था कि शायद अपने मैनेजर की सलाह पर ऐसा कर रहे है पर आज सुसाइड की ख़बर से विश्वास हो गया कि वे काफ़ी समय से परेशान थे। काश सुशांत ने अपना व्यवहार  न बदला होता! काश लोगों से दूरी न बनाई होती! काश लॉकडाउन न होता! ऐसे कई काश है जिसका होना, न होना अब मायने नहीं रखता...

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