वेस्ट बंगाल चुनाव से पहले महिला आरक्षण पर संसद का विशेष सत्र: बंगाल की 'आधी आबादी' पर TMC और बीजेपी का ‘चुनावी ममता’!
वेस्ट बंगाल चुनाव से पहले महिला आरक्षण पर संसद का विशेष सत्र: बंगाल की 'आधी आबादी' पर TMC और बीजेपी का ‘चुनावी ममता’! लेखक – अरुण कुणाल 16 अप्रैल से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। यह समय-चयन अपने आप में राजनीतिक संकेतों से भरा हुआ है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है, क्या यह सत्र वास्तव में नीतिगत सुधार के लिए है, या फिर चुनावी रणनीति का एक सुनियोजित हिस्सा? विपक्ष की मांग थी कि यह विशेष सत्र पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद आयोजित किया जाए, ताकि इसे चुनावी प्रभाव से अलग रखा जा सके, लेकिन सत्ता पक्ष इस पर अड़ा रहा। जब देश की राजनीति में लगभग हर बड़ा निर्णय चुनावी गणित से प्रभावित होता है, तो बंगाल चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे को संसद में लाना महज संयोग नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 'ना...