बूंद-बूंद टपकती इमरजेंसी : मीनाक्षी नटराजन और ममता बनर्जी के साथ खेला का डिलिमिटेशन बिल से सीधा कनेक्शन?
बूंद-बूंद टपकती इमरजेंसी : मीनाक्षी नटराजन और ममता बनर्जी के साथ खेला का डिलिमिटेशन बिल से सीधा कनेक्शन? लेखक : अरुण कुणाल भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं पर जनता का विश्वास रहा है। लेकिन जब चुनाव, उम्मीदवारों की पात्रता, विपक्षी दलों की राजनीतिक स्वतंत्रता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर लगातार विवाद सामने आने लगें, तब सवाल केवल किसी एक चुनाव या एक नेता का नहीं रह जाता, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे की विश्वसनीयता का बन जाता है। हाल के घटनाक्रमों ने यही चिंता पैदा की है कि कहीं देश में औपचारिक रूप से नहीं, लेकिन "बूंद-बूंद टपकती इमरजेंसी" जैसी स्थिति तो नहीं बन रही। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उठे सवालों के जवाब अभी पूरी तरह सामने भी नहीं आए थे कि कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर पैदा हुआ विवाद नई बहस छेड़ गया। यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन तकनीकी या कानूनी आधार पर खारिज होता है और अदालत में मामला लंबित रहते हुए प्...