खाड़ी युद्ध में ट्रम्प का एकतरफा सीजफायर: विश्व को बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने का इंतज़ार!
खाड़ी युद्ध में ट्रम्प का एकतरफा सीजफायर: विश्व को बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने का इंतज़ार! लेखक - अरुण कुणाल पिछले 29 दिनों से जारी ईरान–इज़राइल संघर्ष ने केवल क्षेत्रीय स्थिरता को ही नहीं हिलाया, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार और कूटनीतिक समीकरणों को भी उलट-पुलट कर दिया है। इस उथल-पुथल के बीच भारत एक दिलचस्प स्थिति में खड़ा दिखाई देता है, जहां आपदा अवसर में बदलता हुआ नज़र आ रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अमेरिका और भारत सहित होर्मुज़ स्ट्रेट संकट से प्रभावित तमाम देश “बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने” का इंतज़ार कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में शांति और वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अमेरिका सीजफायर के पक्ष में नज़र आ रहा है! अमेरिका के 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान द्वारा अनौपचारिक रूप से खारिज किए जाने के बावजूद ट्रम्प प्रशासन ने 10 दिनों की सीजफायर की समय-सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है। वहीं सैनिकों की भारी कमी से जूझ रहे इजराइल ने अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि बढ़...