होर्मुज़ संकट पर सीज़फायर: अस्थायी राहत या स्थायी अनिश्चितता?
होर्मुज़ संकट पर सीज़फायर: अस्थायी राहत या स्थायी अनिश्चितता? लेखक - अरुण कुणाल पश्चिम एशिया में बीते 40 दिनों से जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की है, जिस पर ईरान और इज़राइल दोनों ने सहमति जताई है। यह सीज़फायर ऐसे समय में आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया था। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन को लेकर 40 दिनों तक जारी राष्ट्रीय शोक के आखिरी दिन सीज़फायर की घोषणा, यानी 40 दिन का युद्ध और 40 दिन का शोक, महज़ संयोग है या प्रयोग? गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया था। डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ संघर्ष विराम के बाद मिडिल ईस्ट में "गोल्डन एज" की शुरुआत होने का दावा किया है। उन्होंने इसे विश्व शांति के लिए एक बड़...