अब न सड़कें सुनी होंगी, न संसद आवारा : गांधी जयंती पर 'ज्ञानादेश' के खिलाफ पूरे देश को जंतर-मंतर में तब्दील करने का ऐलान!
अब न सड़कें सुनी होंगी, न संसद आवारा : गांधी जयंती पर 'ज्ञानादेश' के खिलाफ पूरे देश को जंतर-मंतर में तब्दील करने का ऐलान! लेखक — अरुण कुणाल लोकतंत्र के लिए इससे बुरा क्या हो सकता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कानपुर स्थित घर के बाहर किसी ने ‘गद्दार’ लिख दिया! इस तस्वीर को देखकर फिल्म चक दे इंडिया का वह सीन याद आ गया, जब पाकिस्तान से हार के बाद कबीर खान (शाहरुख खान) के घर की दीवार पर कोई ‘गद्दार’ लिख देता है! हालांकि, फिल्म के अंत में महिला हॉकी टीम के कोच के रूप में भारत को वर्ल्ड कप जिताने के बाद एक बच्चा उस लिखे शब्द को मिटा देता है! ऐसे में मन में सवाल उठता है कि क्या ज्ञानेश कुमार के लिए भी कोई बच्चा ऐसा करेगा, जो ‘वोट चोरी’ के खिलाफ पुलिस की लाठी खाने और जेल जाने तक को तैयार है? क्या ज्ञानेश कुमार उस 18 साल के युवा को हीरो बना पाएंगे, जिसका वोट SSR के तहत पिछले दो वर्षों से नहीं बन पा रहा है? क्योंकि मुद्दा सिर्फ दीवार पर लिखे ‘गद्दार’ शब्द का नहीं है। असली सवाल उस भरो...