वॉर रुकवाने वाला 'एप्सटीन फाइल्स' पर बेबस : ताक़त, चुप्पी और भारतीय सत्ता का असहज सच!
वॉर रुकवाने वाला 'एप्सटीन फाइल्स' पर बेबस : ताक़त, चुप्पी और भारतीय सत्ता का असहज सच! लेखक: अरुण कुणाल एप्सटीन कांड के तहत सार्वजनिक हुए कुछ अमेरिकी न्यायिक दस्तावेज़ों और मीडिया रिपोर्ट्स में भारत से जुड़े नामों के उल्लेख ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इन दस्तावेज़ों में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी के अलावा पहली बार पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नामों का संदर्भ सामने आने का दावा किया गया है। सवाल यह नहीं है कि ये नाम किस भूमिका में थे, बल्कि यह है कि एक सजायाफ्ता यौन अपराधी के संपर्कों में भारत का शीर्ष नेतृत्व यदि वास्तव में चर्चा का विषय बन रहा था, तो यह अपने-आप में गंभीर चिंता का कारण है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जेफरी एप्सटीन से जुड़ी करीब 30 लाख से ज़्यादा फाइलों का सार्वजनिक होना सिर्फ़ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, यह वैश्विक सत्ता-तंत्र की मानसिकता का एक्स-रे है। इन दस्तावेज़ों में दर्ज हर ईमेल, हर टिप्पणी...