धुरंधर: द रिवेंज — मैजिक में लॉजिक नहीं होता!
धुरंधर: द रिवेंज — मैजिक में लॉजिक नहीं होता! लेखक: अरुण कुणाल स्पाई-थ्रिलर धुरंधर-2 ने सिनेमाघरों में दस्तक के साथ ही बॉक्स ऑफिस और फिल्म मेकिंग के पुराने पैमानों को चुनौती दे रहा है। फिल्म की भारी सफलता के चलते मुंबई के प्रतिष्ठित मराठा मंदिर सिनेमाघर में शाहरुख खान की 30 साल से चल रही फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' के शो का पहली बार समय बदल दिया गया है! इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 145.55 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है। करीब 3 घंटे 45 मिनट लंबी यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसे सिनेमाई अनुभव में ले जाती है, जहां मनोरंजन और बहस दोनों साथ-साथ चलते हैं। दिलचस्प यह है कि इस फिल्म के लिए अब पारंपरिक फिल्म क्रिटिक्स की भूमिका सीमित होती दिख रही है! क्योंकि हर दर्शक खुद को एक समीक्षक मानकर थिएटर से बाहर निकल रहा है। फिल्म को लेकर सबसे बड़ा द्वंद्व “मैजिक बनाम लॉजिक” का है। एक वर्ग इसकी सिनेमैटिक भव्यता, स्क्रीनप्ले के ट्विस्ट और परफॉर्मेंस की तारीफ कर रहा है, तो दू...