सोनम वांगचूक और राहुल गांधी: एक फूल दो माली! कॉकरोच का हाथी से टक्कर, 20 जुलाई को आंदोलन का हो सकता है निर्णायक मोड़!
सोनम वांगचूक और राहुल गांधी: एक फूल दो माली! कॉकरोच का हाथी से टक्कर, 20 जुलाई को आंदोलन का हो सकता है निर्णायक मोड़! लेखक: अरुण कुणाल "हाथी से टकराना" मुहावरा सुनते ही मुझे जैन टीवी के दिनों की एक पुरानी याद ताज़ा हो जाती है। उस दौर में जैन टीवी के प्रमोटर डॉ. जे.के. जैन और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधान सचिव एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बृजेश मिश्रा के बीच टकराव की चर्चा मीडिया जगत में खूब होती थी। इस संघर्ष का असर संस्थान की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा। हालत इतनी खराब हो गई थी कि कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पाता था। एक समय जैन टीवी पत्रकारिता की सबसे बड़ी पाठशालाओं में गिना जाता था। आज देश के कई बड़े पत्रकार वहीं से निकले हैं। उन दिनों सुशांत सिन्हा, रमेश भट्ट और मैं संस्थान के "युवा तुर्क" माने जाते थे। प्रबंधन के खिलाफ वरिष्ठों के आंदोलन में हमें भी आगे कर दिया गया था। अंततः डॉ. जे.के. जैन के साथ एक निर्णायक बैठक हुई। उसी बैठक में उन्होंने कहा था—"मर...